छोटे किसानों के कर्ज माफ

समय से पहले आम चुनाव का संकेत देते हुए वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने शुक्रवार को आम बजट में देश के चार करोड़ किसानों को कर्ज के जंजाल से मुक्त करने की घोषणा की तथा शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे सामाजिक क्षेत्र के लिए बजट आवंटन में भारी वृद्धि की।

चिदम्बरम ने विपक्ष की टोकाटोकी और सत्तापक्ष की वाहवाही के बीच कहा कि देश में एक हेक्टेयर से कम खेती वाले सभी छोटे और मझौले किसानों को कर्ज के दलदल से निकाला जा रहा है और उनका पचास हजार करोड़ रुपए का कर्ज माफ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे तीन करोड़ छोटे और एक करोड़ मझौले किसानों को कर्ज से मुक्ति दे दी गई  है।
उन्होंने फसल बीमा योजना के लिए 640 करोड़ देने की घोषणा की और असंगठित क्षेत्र के प्रत्येक मजदूर को 30 हजार रुपए का स्वास्थ्य बीमा कवर देने का ऐलान किया।
वित्तमंत्री की इन घोषणाओं से लोकसभा में देर तक मेजों की थपथपाहट होती रही और इस ‘ लुभावने धमाके’  से आहत विपक्षी सदस्यों ने अनेक एतराज उठाने शुरू कर दिए जो सत्तारूढ सदस्यों की हर्षध्वनि में गुम हो गया। हर्ष और आपत्तियों का यह शोरगुल लगभग पाँच मिनट तक चलता रहा।
इसके अलावा चिदम्बरम ने अल्पसंख्यक मंत्रालय का प्रावधान दुगना करने की घोषणा की। वित्त मंत्री पी चिदम्बरम ने आम बजट में शिक्षा पर 20 प्रतिशत और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 16 प्रतिशत वृद्धि करने की घोषणा की।
वर्ष 2008-09 में योजना को बजट से 2.29 लाख करोड़ रुपए मिलने की घोषणा करते हुए चिदम्बरम ने लोकसभा में कहा कि केन्द्रीय आयोजना व्यय 16 प्रतिशत बढ़कर 179954 करोड़ रुपए हो गया है।
चिदम्बरम ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार का पाँचवां बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार सोलह केंद्रीय विश्वविद्यालय स्थापित करेगी और उच्च शिक्षा के नए केंद्र भी स्थापित किए जाएँगे।
उन्होंने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्र्रालय की प्रेरित शोध परियोजनाओं के लिए 85 करोड़ रुपए का प्रावधान किया जाएगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के लिए 12 हजार 50 करोड़ रुपए की व्यवस्था की जा रही है।
चिदम्बरम ने असंगठित क्षेत्र में गरीबी रेखा के नीचे के प्रत्येक मजदूर को 30 हजार रुपए का स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध कराने की घोषणा की। वित्त मंत्री ने कहा कि पोलियो उन्मूलन के लिए 1042 करोड़ रुपए खर्च किए जाएँगे जबकि 1100 करोड़ रुपए की लागत से राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क बनाया जाएगा।
उन्होंने सर्व शिक्षा अभियान के लिए 13100 करोड़ रुपए और मध्याह्न भोजन योजना के लिए 800 करोड़ रुपए का प्रावधान किए जाने की घोषणा की।
आंध्र, बिहार,  राजस्थान में तीन आईआईटी स्थापित होंगे। बजट घोषणाओं के अनुसार पूरे देश के अपर प्राइमरी स्कूलों में दोपहर के भोजन की योजना लागू होगी और बालिका विद्यालयों के नवीकरण के लिए 80 करोड़ रुपए खर्च होंगे। उन्होंने बताया कि 650 करोड़ रुपए की लागत में 6000 मॉडल स्कूल भी स्थापित किए जाएँगे।

Post a Comment